न्यू फरक्का एक्सप्रेस दुर्घटना: प्रारंभिक जांच में पथप्रदर्शक प्रणाली में खामी के संकेत

Rail Photo

दिल्ली समाचार, 17 अक्टूबर (वेबवार्ता)। न्यू फरक्का एक्सप्रेस दुर्घटना की प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ट्रेन को एक पटरी से दूसरी पटरी पर जाने के लिए पथप्रदर्शन करने वाली मैकेनिकल प्रणाली में कुछ दिक्कत आने के कारण ट्रेन को इसके संकेत नहीं मिले जिसके कारण उसके डिब्बे पटरी से उतर गए। रेल संरक्षा आयोग की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि पॉइंट फैलियर (जहां ट्रेन पटरियां बदलती है वहां गड़बड़ी होना) के बावजूद न्यू फरक्का एक्सप्रेस को हरी झंडी दी गई जिस कारण वह पटरी से उतरी।

घटना की जांच कर रहे आयोग ने सिफारिश की है कि पैनल की ओर से दिए जाने वाले कमांड पर यदि प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है तो उसे ‘फेल’ घोषित करने के लिए रेलवे को एक समय सीमा और प्रयास तय करने चाहिए। उत्तर प्रदेश में रायबरेली के पास 10 अक्टूबर को सुबह न्यू फरक्का एक्सप्रेस के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए थे। दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई थी और करीब 30 लोग घायल हो गए थे।

रिपोर्ट में ना सिर्फ इंजीनियरिंग विभाग को दुर्घटना की जिम्मेदारी लेने को कहा गया बल्कि सिग्नलिंग और टेलीकॉम विभाग को भी जवाबदेही लेने को बोला गया। रिपोर्ट में सिग्नलिंग सर्किट के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए जो कदम उठाए जाने जरूरी हैं, उन्हें भी सूचीबद्ध किया गया है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में ट्रेन चालकों (लोको पायलट) को बेहद आपात स्थिति में स्वतंत्र ब्रेक लगाने का प्रशिक्षण देने की भी सिफारिश की है। सूत्रों का कहना है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट कुछ महीने में आने की संभावना है जिसमें दुर्घटना के लिए विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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