दो लाख युवाओं को मिलेगी ट्रिपल सी की फ्री टेनिंग

NIELIT

फैजाबाद समाचार, 18 अक्टूबर (वेबवार्ता)। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गुरुवार को यहां कहा कि केन्द्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार ने पिछड़ा वर्ग के साथ दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग विभाग में पहली बार ट्रिपल सी की नि:शुल्क ट्रेनिंग दिये जाने की व्यवस्था लागू की गई है। इसमें दो लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं का चयन करने के साथ युवाओं का भी चयन किया जा रहा है।

मंत्री श्री राजभर ने सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि पिछली सरकार में 15 से 18 हजार बच्चे चयनित होते थे। इस बार 83 लाख ऑनलाइन आवेदन आये हैं। इन बच्चों का प्रवेश करा दिया गया है। एक शर्त लगा दिया है कि जो एजेंसी चयनित है उसे चार बार में जांच के बाद पैसा देंगे, एक बार में नहीं। उन्होंने कहा कि उप्र में 16 आईएएस व पीसीएस ट्रेनिंग सेंटर हैं, इनमें पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण करा दिया गया है। इसके अलावा दिव्यांगों को अच्छी व्यवस्था दी गयी है। जो बच्चे सात साल के नीचे हैं ऐसे बच्चों को उनके आपरेशन के लिए पहले 10 हजार दिये जाते थे। अभी एक मशीन साढ़े तीन लाख की आयी है यदि वह लगा दी जाए तो बच्चे सुनने लगेंगे। इस आपरेशन से छह लाख बच्चों को लाभान्वित किया जायेगा। दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाकर छह से आठ हजार किया गया है।

उन्होंने बताया कि रोडवेज बस में पहले केवल यूपी की बसों में फ्री यात्रा की छूट थी। अब पूरे देश में दिव्यांगों को परिवहन निगम की किसी भी बस में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी गयी है। उन्होंने बताया कि रेलवे में फ्री में दिव्यांगों को वातानुकूलित बोगी में आरक्षण नहीं मिलता था लेकिन अब उन्हें थ्री एसी में लोवर बर्थ मिलेगी। श्री राजभर ने बताया कि आने वाले दिनों में आठ हजार दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल देंगे, इसमें छोटी सी ट्राली लगाएंगे ताकि साबुन, तेल आदि बेचकर अपनी आजीविका चला सकें। यह ट्रायल के तौर पर देने जा रहे हैं। इसमे सफलता मिलने पर और अधिक संख्या में वितरण किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि पिछड़ी जाति के 27 प्रतिशत आरक्षण में तीन कैटेगरी बनाने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है। मुख्यमंत्री ने भी सदन में कहा है। सामाजिक न्याय समिति बनायी है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में पिछड़ा, अति पिछड़ा व सर्वाधिक पिछड़ा तीन श्रेणी बनाकर आरक्षण देने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी शासन को सही रिपोर्ट नहीं देते। आज भी गांवों में राशन कार्ड सही नहीं बन पा रहे हैं। अधिकारी सिर्फ कागजों पर कार्य कर रहे हैं, धरातल पर नहीं। वास्तव में पात्र लाभ नहीं पा रहे हैं। जो अपात्र हैं वह जुगाड़ बनाकर लाभ पा रहे हैं।

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